MobiKwik कोa मिला RBI का बड़ा तोहफा शेयर बाजार में मच गई धूम!

MobiKwik को मिला RBI का बड़ा तोहफा शेयर बाजार में मच गई धूम!

सोमवार का दिन MobiKwik के निवेशकों के लिए किसी त्योहार से कम नहीं रहा। बाजार खुलते ही खबर आई कि भारतीय रिजर्व बैंक ने MobiKwik को NBFC लाइसेंस दे दिया है और बस, शेयर रॉकेट की तरह ऊपर उड़ चला। एक ही दिन में 15% से ज्यादा की तेजी। यह खबर इतनी बड़ी क्यों है और इसका आम निवेशक पर क्या असर पड़ेगा आइए आसान भाषा में समझते हैं।
NBFC लाइसेंस मिला यह बात इतनी खास क्यों है?
पहले थोड़ा समझते हैं कि NBFC होता क्या है। सरल शब्दों में कहें तो NBFC यानी Non-Banking Financial Company एक ऐसी संस्था जो बैंक नहीं होती, लेकिन लोन दे सकती है, निवेश कर सकती है और कई तरह की वित्तीय सेवाएं दे सकती है। अब तक MobiKwik मुख्य रूप से एक डिजिटल वॉलेट कंपनी थी। वह दूसरों के जरिए लोन बंटवाती थी यानी बिचौलिए की भूमिका में थी। लेकिन NBFC लाइसेंस मिलने के बाद अब वह खुद सीधे लोन दे सकती है। यह वैसा ही है जैसे कोई दुकानदार पहले दूसरे की दुकान से माल लाकर बेचता हो, और अब उसने अपनी खुद की फैक्ट्री खोल ली हो। फर्क साफ है मुनाफा ज्यादा, नियंत्रण ज्यादा।
नई कंपनी MFSPL का जन्म क्या होगा इससे?
NBFC लाइसेंस मिलने के बाद MobiKwik एक नई कंपनी MobiKwik Financial Services Private Limited (MFSPL) शुरू करेगी, जो उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी होगी। इस नई कंपनी के जरिए MobiKwik अब सीधे उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों को लोन दे सकेगी। कंपनी ने बताया कि MFSPL उपभोक्ताओं और MSMEs को सुरक्षित और असुरक्षित दोनों तरह के लोन देगी, जिनका फोकस उन इलाकों पर होगा जहां अभी तक वित्तीय सेवाएं पूरी तरह नहीं पहुंची हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कंपनी को अब हर लोन पर किसी बाहरी पार्टनर को कमीशन नहीं देना पड़ेगा। जो मुनाफा पहले बाहर जाता था, वह अब कंपनी के पास रहेगा। इससे margins यानी कमाई का अनुपात बेहतर होगा।
186 मिलियन यूजर्स MobiKwik के पास है असली ताकत
किसी भी फिनटेक कंपनी की असली ताकत होती है उसका यूजर बेस। MobiKwik के पास फिलहाल 18.6 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स और करीब 47.9 लाख मर्चेंट हैं। यह संख्या किसी भी नजरिए से बहुत बड़ी है। सोचिए अगर इनमें से थोड़े से यूजर्स भी लोन लेते हैं, तो कंपनी का कारोबार कितना बड़ा हो सकता है। कंपनी का इरादा है कि वह अपनी तकनीकी क्षमता, AI और ML मॉडल्स तथा बड़े यूजर बेस का उपयोग करके लोगों को उनकी जरूरत के हिसाब से वित्तीय उत्पाद दे सके।
Tier 2 और Tier 3 शहर असली बाजार यहीं है
बड़े शहरों में तो बैंक और फिनटेक कंपनियां पहले से मौजूद हैं। असली मौका है छोटे शहरों और कस्बों में। MobiKwik का मुख्य फोकस Tier 2 और Tier 3 शहरों पर रहेगा, हालांकि सेवाएं पूरे देश में दी जाएंगी। यह रणनीति समझदारी भरी है। छोटे शहरों में लोगों को अक्सर लोन के लिए बड़े बैंकों के चक्कर काटने पड़ते हैं, कागजी कार्रवाई में उलझना पड़ता है। MobiKwik अगर तकनीक के जरिए इन्हें आसान और तेज लोन दे सके, तो यह बाजार बहुत बड़ा है।
शेयर बाजार ने कैसे किया स्वागत?
खबर आते ही MobiKwik के शेयरों में 15% तक की तेजी देखी गई। 27 अप्रैल को दोपहर 1:35 बजे शेयर 14.7% की बढ़त के साथ ₹231.7 पर कारोबार कर रहा था। कंपनी का बाजार पूंजीकरण NSE पर ₹1,816.70 करोड़ पर पहुंच गया। दिन के दौरान शेयर ने ₹241.90 का उच्चतम स्तर भी छुआ। यह तेजी बताती है कि निवेशकों को इस खबर में असली दम नजर आया। यह कोई साधारण लाइसेंस नहीं, बल्कि कंपनी की पूरी बिजनेस रणनीति को बदलने वाला कदम है।
आगे क्या देखना होगा निवेशकों के लिए जरूरी बातें
उत्साह के साथ थोड़ी सावधानी भी जरूरी है। NBFC के तहत कारोबार शुरू होने के लिए अभी RBI से Certificate of Registration (CoR) लेना बाकी है, जो कुछ शर्तें पूरी होने पर मिलेगा। यानी असली काम अभी शुरू नहीं हुआ, सिर्फ इजाजत मिली है। इसके अलावा लोन कारोबार में असली परीक्षा होती है कि लोन किसे दिया, कितना वापस आया और NPA यानी डूबे हुए कर्ज को कैसे काबू में रखा। यह execution का खेल है और यहीं MobiKwik को अपनी काबिलियत साबित करनी होगी।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, RBI का यह NBFC लाइसेंस MobiKwik के लिए एक बड़ा मोड़ है। कंपनी अब सिर्फ पेमेंट ऐप नहीं रही वह एक पूर्ण वित्तीय सेवा मंच बनने की राह पर है। 18.6 करोड़ यूजर्स, तकनीकी ताकत और अब अपनी NBFC यह तिकड़ी अगर सही तरीके से काम करे, तो MobiKwik का भविष्य काफी उज्जवल हो सकता है। लेकिन निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए और CoR मिलने तथा पहले कुछ तिमाहियों के नतीजे देखने के बाद ही लंबे समय की रणनीति बनानी चाहिए।